FASTag Annual Pass के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड, सरकार ने जारी की चेतावनी—डिस्काउंट के झांसे में न आएं

देशभर में FASTag यूजर्स को निशाना बनाकर एक नया साइबर फ्रॉड सामने आया है। सरकार ने ‘FASTag Annual Pass’ के नाम पर चल रहे एक बड़े स्कैम को लेकर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। साइबर अपराधी भारी डिस्काउंट का लालच देकर लोगों से पैसे ठग रहे हैं और उनकी बैंकिंग जानकारी भी हासिल कर रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हाल ही में इस तरह के एक संगठित फ्रॉड का पता लगाया है, जिसमें सस्ते रिचार्ज और सालाना पास के नाम पर लोगों को जाल में फंसाया जा रहा है।

गृह मंत्रालय के साइबर विंग ने जारी की एडवाइजरी

गृह मंत्रालय के साइबर सुरक्षा प्रकोष्ठ I4C ने इस मामले को गंभीर मानते हुए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से एडवाइजरी जारी की है। एजेंसी ने लोगों को चेताया है कि डिस्काउंट या सस्ते FASTag Annual Pass के नाम पर आने वाले किसी भी लिंक या ऑफर पर भरोसा न करें। साइबर अपराधी ऐसे ऑफर के जरिए यूजर्स की निजी और बैंकिंग जानकारी चुराने की कोशिश कर रहे हैं।

फर्जी वेबसाइट बनाकर हो रहा ठगी का खेल

जांच में सामने आया है कि स्कैमर्स राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और IHMCL के नाम और लोगो का दुरुपयोग करके फर्जी वेबसाइट तैयार कर रहे हैं। ये वेबसाइट दिखने में बिल्कुल आधिकारिक पोर्टल जैसी लगती हैं, जिससे लोग आसानी से धोखे में आ जाते हैं।

इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन के जरिए इन फर्जी वेबसाइटों की लिंक को प्रमुखता से दिखाया जाता है। कई यूजर्स इन लिंक पर क्लिक कर लेते हैं और यहीं से ठगी का सिलसिला शुरू हो जाता है।

डिटेल्स भरते ही पहुंच जाती है रकम स्कैमर्स के पास

फर्जी वेबसाइट पर जाने के बाद लोगों से वाहन नंबर, FASTag ID, मोबाइल नंबर और बैंक से जुड़ी जानकारी मांगी जाती है। इसके बाद यूजर्स को FASTag Annual Pass लेने के लिए पेमेंट करने के लिए कहा जाता है।

जैसे ही लोग भुगतान करते हैं, रकम सीधे साइबर ठगों के खाते में चली जाती है। इसके बदले में किसी भी तरह का वैध FASTag पास जारी नहीं किया जाता। इतना ही नहीं, यूजर्स की बैंकिंग जानकारी भी स्कैमर्स के हाथ लग जाती है, जिससे आगे चलकर बड़े आर्थिक फ्रॉड का खतरा बढ़ जाता है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

सरकार और साइबर एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जरूर जांच लें। केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही FASTag से जुड़ी सेवाओं का उपयोग करें। संदिग्ध ऑफर या लिंक मिलने पर तुरंत उसे नजरअंदाज करें और साइबर हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें।

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